भारतीय जनता पार्टी के मुंबई स्थित प्रोटोकॉल विभाग के सचिव ने भाजपा के महाराष्ट्र स्तर के वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों से कुछ निवेशकों की बैठकें आयोजित कराईं। उनके नाम का दुरुपयोग कर निवेशकों से करोड़ों रुपये की ठगी की गई। इतना ही नहीं, इस मामले को उजागर करने पर जान से मारने की धमकी दिए जाने की चौंकाने वाली जानकारी स्प्राऊट्स न्यूज के हाथ लगी है।
महाराष्ट्र के पनवेल तालुका अंतर्गत आडिवली गांव में स्थित 100 गुंठा जमीन (सर्वे नंबर 137, 138/ए/2, 138/ए/1) की कीमत 7 करोड़ 10 लाख रुपये बताई गई। इस सौदे के लिए मुंबई भाजपा के प्रोटोकॉल सचिव संतोष दयाशंकर पांडे (Adv. Santosh Dayashankar Pandey) और शमशुद्दीन इस्लाम शेख (Shamshuddin Islam Shaikh) प्रस्ताव लेकर किरण सिंह (Kiran Singh) के पास पहुंचे।
मदद के लिए भाजपा नेता, सूचना प्रौद्योगिकी एवं सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशिष शेलार (Adv. Ashish Shelar) से मुलाकात तय की गई। इसके अनुसार 3 अक्टूबर 2025 को सांताक्रूज़ में हुई बैठक में संतोष पांडे, सीमा सिंह, शमशुद्दीन और किरण सिंह उपस्थित थे।
बैठक में तय हुआ कि 100 गुंठा जमीन खरीदी जाएगी, जबकि शेष साढ़े पंद्रह एकड़ जमीन की कीमत सीमा सिंह द्वारा दी जाएगी। इसके बाद किरण सिंह, शमशुद्दीन, मैत्रेय पटेल और प्रकाश दबंगे ने 100 गुंठा जमीन की खरीद की। इनमें से 50 गुंठा जमीन आरोपी संतोष पांडे के नाम दर्ज की गई।
इस 50 गुंठा जमीन के लिए 3 करोड़ 55 लाख रुपये नीतिराज डी. सिंह और देवेंद्र मेघजी देवड़ा ने अपने बैंक खातों से RTGS के माध्यम से जमीन मालिक को भेजे। शेष 50 गुंठा जमीन के 3 करोड़ 55 लाख रुपये मैत्रेय मितेश पटेल और प्रकाश दबंगे ने अपने खातों से अदा किए।
इस जमीन का रजिस्ट्रेशन सातबारा रिकॉर्ड में संतोष पांडे, मैत्रेय पटेल और प्रकाश दबंगे के नाम किया गया। दो महीने बीत जाने के बावजूद संतोष पांडे ने एक भी पैसा वापस नहीं किया। 10 मार्च 2025 के बाद उसने सभी के फोन उठाने भी बंद कर दिए।
इसके बाद एक बार संतोष पांडे ने किरण सिंह और शमशुद्दीन को पनवेल स्थित साई होटल के पास बुलाया, उन्हें अपनी गाड़ी में बैठाकर जान से मारने की धमकी दी।
इसके बाद आरोपी पांडे ने मितेश पटेल को फोन कर जमीन का सौदा करने को कहा। इसके अनुसार पटेल ने Stone Age India Pvt. Ltd. की ओर से देव एच. लहेरू के नाम जमीन का सौदा किया और 25 लाख रुपये टोकन मनी ली। इसके बावजूद संतोष पांडे ने अब तक एग्रीमेंट नहीं किया और फोन उठाना भी बंद कर दिया। इस मामले में जल्द ही पांडे के खिलाफ और शिकायतें दर्ज होने की संभावना है, जिससे अन्य बड़े नाम भी जांच के दायरे में आ सकते हैं।
• भामटा संतोष पांडे कौन है?
भाजपा के कई वरिष्ठ नेता मुंबई आते रहते हैं। इन नेताओं की एयरपोर्ट से रिसीविंग और मेहमाननवाजी के लिए तत्कालीन मुंबई भाजपा अध्यक्ष आशिष शेलार ने 30 नवंबर 2024 को प्रोटोकॉल विभाग की नियुक्तियां की थीं। इसी दौरान संतोष पांडे को मुंबई डिवीजन हेड नियुक्त किया गया।
सूत्रों के अनुसार, पांडे पहले चॉल में रहता था और बाद में भाजपा कार्यकर्ता बना। तभी से वह भाजपा के नाम पर लोगों को ठगता रहा। प्रोटोकॉल सचिव का पद मिलने के बाद उसने बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी शुरू कर दी। कई शिकायतें वरिष्ठ नेताओं तक पहुंचीं, लेकिन उसे लगातार संरक्षण मिलता रहा।
सूत्र बताते हैं कि पांडे भाजपा नेता आशिष शेलार का करीबी माना जाता है, इसी कारण उसे यह पद मिला। आरोप है कि वह शेलार के नाम पर वसूली भी करता रहा है। उसके खिलाफ पहले भी कई पुलिस थानों में एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं, लेकिन राजनीतिक संरक्षण के चलते कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
• ‘एडवोकेट’ डिग्री फर्जी होने का संदेह
संतोष पांडे के खिलाफ पहले भी विक्रोली पुलिस स्टेशन में गंभीर मामले दर्ज हैं। शुरुआत में पुलिस एफआईआर दर्ज करने से बचती रही, लेकिन शिकायतकर्ता के न्यायालय जाने के बाद कोर्ट के आदेश पर एफआईआर दर्ज की गई।
यह मामला स्प्राऊट्स न्यूज और उसके वरिष्ठ संपादक उन्मेष गुजराथी (Unmesh Gujarathi) ने उजागर किया, जिससे आरोपी का असली चेहरा सामने आया।
स्प्राऊट्स न्यूज के विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, संतोष पांडे दसवीं पास भी नहीं है, लेकिन पिछले वर्ष से उसने अपने नाम के आगे “एडवोकेट” लिखना शुरू कर दिया। यह डिग्री फर्जी है या नियमों के विरुद्ध खरीदी गई, इसकी गहन जांच की मांग की जा रही है। इस संबंध में स्प्राऊट्स न्यूज की टीम औपचारिक शिकायत दर्ज करेगी।
• वरिष्ठों को ही क्यों याद आता है संतोष पांडे?
इतने गंभीर मामलों और धोखाधड़ी के बावजूद पांडे की भाजपा के प्रोटोकॉल सचिव पद पर नियुक्ति कई सवाल खड़े करती है। वह अक्सर वरिष्ठ नेताओं के साथ तस्वीरों में नजर आता है। सूत्रों का दावा है कि वह वरिष्ठों को अनैतिक और आपत्तिजनक “गिफ्ट” देता रहा है।
कुछ महिलाओं से जुड़ी शिकायतें भी सामने आने की गोपनीय जानकारी सूत्रों ने दी है।
• सत्ता के नाम पर 420 गिरी
संतोष पांडे के खिलाफ बड़े पैमाने पर आर्थिक धोखाधड़ी के आरोप हैं। स्प्राऊट्स की स्पेशल इन्व्हेस्टीगेशन टीम (SIT) के अनुसार, भाजपा पद का दुरुपयोग कर उसने कई लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की है।
नौकरी का लालच और फर्जी दस्तावेज
विक्रोली निवासी आकाश गागट को रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे 36 लाख रुपये से अधिक की रकम वसूली गई। बाद में उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र, नकली मुहरें और जाली हस्ताक्षर दिए गए, जिसका उल्लेख एफआईआर में है।
• कोर्ट के आदेश के बाद एफआईआर
शुरुआत में पुलिस ने शिकायत दर्ज करने से इनकार किया। अदालत के आदेश के बाद संतोष पांडे और अन्य 12 आरोपियों पर IPC की धारा 420, 465, 468, 471 और 34 के तहत मामला दर्ज किया गया। सूत्रों के अनुसार, राजनीतिक दबाव के कारण जांच प्रभावित हो रही है।
• हकालपट्टी की जोरदार मांग
पांडे की इन काली करतूतों से भाजपा की छवि धूमिल हो रही है। पीड़ितों और कई भाजपा कार्यकर्ताओं ने उसकी तत्काल हकालपट्टी और पूरी गैंग की गहन जांच की मांग की है।
• सार्वजनिक चेतावनी | नागरिकों से अपील
यदि आपको संतोष दयाशंकर पांडे जैसे किसी ठग की जानकारी हो या उसका सामना हुआ हो, तो बिना देरी किए तुरंत अपने नज़दीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं। सतर्क नागरिकों की सूचना से अन्य लोगों को ठगी का शिकार होने से बचाया जा सकता है।
यदि आपको लगता है कि आपकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं हो रही है या उसे गहन जांच की आवश्यकता है, तो खोजी पत्रकार उन्मेष गुजराथी और स्प्राउट्स न्यूज़ टीम से संपर्क करें। हम जनहित में सच्चाई उजागर करने और पीड़ितों की सहायता के लिए प्रतिबद्ध हैं।

